Baba bageshwardham dhirendra sashtri biography
गढ़ा में रामकृपाल और सरोज के घर 1996 में धीरेंद्र पैदा हुए तीन भाई-बहनों में सबसे बड़े धीरेंद्र थे।
बागेश्वर धाम साइट के द्वारा पता चलता है कि धीरज शास्त्री का बचपन तंगहाली में बीता, कर्मकांडी परिवार था, पूजा पाठ में जो दक्षिणा मिल जाती थी उसी से 5 परिवार का पालन पोषण होता है।
धीरेंद्र ने अपने दादा से सैतू लाल गर्ग से पंडिताई सीखी,
धीरेंद्र अचानक एक बार अज्ञातवास हो गए, किसी गांव वाले ने बताया कि धीरेंद्र 1 साल के लिए गांव से गायब हो गए थे।
![]() |
| पंडित धीरेंद्र शास्त्री जी |
लौटे तो एकदम अलग थे, बागेश्वर धाम में प्राचीन शिव मंदिर था उसी के बगल में बालाजी का मंदिर था। वहां के विधायक कहते थे कि उनके पास घर द्वार कुछ नहीं था पास में एक सामुदायिक भवन था जिसमें बरसाती डालकर एवं पूजा पाठ करके रहते थे, गांव वाले मदद करते थे धीरे-धीरे उन्होंने दरबार लगाना शुरू किया, धीरेंद्र के आगे बढ़ने में इंटरनेट और सोशल मीडिया का बहुत अहम रोल है। जिससे आज उनके लाखों समर्थक है धीरेंद्र के दरबार में जाने के लिए टोकन लगाना पड़ता है, धीरेंद्र के बढ़ते गड़ा गांव में व्यवसायिक गतिविधियां भी तेजी से बढ़ती जा रही हैं। इसके साथ जमीन को कब्जा करने की भी धीरेंद्र पर लग रहे हैं।
.jpeg)
Comments